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JAN KALYAN ASHRAM

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JAN KALYAN ASHRAM

Address -
village -sidhpur , semriharchand ,tehsil - babai ,.distt – Hoshangabad [ M.P.] - 461668
Ph. : 8708370168 , 8770929264

E-mail : info@jankalyanashram.org



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आश्रम कि स्थिति –

कल्याण आश्रम पचमडी रोड पर सेमरी हरचन्द से लगभग 6 कि.मी. उत्तर में सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व मड़ई रोड पर स्थित है! आश्रम तीन तरफ सतपुड़ा कि पहाड़ियों एवं जंगल से घिरा हुआ है !
जंगल में स्थित होने एवं चारों और जंगले का प्राकृतिक वातावरण होने से स्वंय ही आश्रम का वातावरण बड़ा शांत एवं मनोरम स्वास्थ्यप्रद है, आश्रम के प्रांगण से लगा हुआ एक प्राकृतिक १२ महीने बहने वाला जल स्त्रोत है सतपुड़ा पहाड़ियों से जल स्त्रोत हटने के कारन लोग जल को बड़ा ही स्वास्थ्यप्रद मानते है और यहाँ से जल को ले जाते है इसी स्त्रोत के कारन यहाँ सिद्ध धाम कहलाता है यहाँ एक शिव जी का मंदिर है !


जन कल्याण आश्रम उद्देश्य -


1. वन क्षेत्रो के आदिवाशी निर्धन छात्रों कि शिक्षा व्यवस्था आवासीय विद्यालय एवं बाल –नबाड़ी का सञ्चालन .
2. आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मार्थ ओषधाल्या चलाना .
3. गो वंश की रक्षा हेतु गो शाला चलाना एवं वन प्राणियों कि रक्षा करना
4. असहाय वृद्धो व महिलाओं कि व्यवस्था हेतु वानप्रस्थ आश्रम कि व्यवस्था करना
5. प्राकृतिक आपदाओं में वन वाशियों कि शासकीय एवं सामाजिक स्तर से हर संभव सहयोग करना .


गुरुकुल आश्रम द्वारा संचालित गतिविधियाँ –

1. वर्तमान में आश्रम द्वारा कक्षा 1 से 8 वीं तक पुर्णतः निशुल्क विद्यालय चलाया जा रहा है जिसमे 200 के लगभग छात्र – छात्राएं अध्यनरत है

2. आश्रम में 100 छात्रों हेतु आदिवासिये छात्रावास कि व्यवस्था है शिक्षा सन २०१६ -२०१७ में 109 छात्र रहते थे छात्रों को तीनो समय भोजन वस्त्र प्राथमिक ओषधियाँ आवासीय बिस्तर व्यवस्था पुर्णतः निशुल्क है

3. छात्रावाश कि दिनचर्या छात्रों को वैदिक संस्कृति से संस्कारित करना प्रथम उद्देश्य प्रात: 4:30 परे जागरण से योग आशन व्यायाम इश्वर प्रार्थना उपशना से लेकर विद्यालय पश्चात रात के 9 बजे तक छात्रों कसा समय पूर्णतः वैदिक परंपरा के अनुशार है

4. गो शाला का संचालन – अश्त्रम में एक गो शाला संचालित है जो पूर्णतः आभाव ग्रस्त है शासन अथवा कोई भी निश्चित आय अथवा दान का स्त्रोत न होने से गो शाला कि बिल्डिंग अथवा अन्य संसाधन से निर्धन है गो शाला वन्य क्षेत्र में होने से शहरी क्षेत्र के लोग अनुपयोगी एवं वृद्ध , गंभीर चोट होने से गो धन को जंगल में आश्रम के पास छोड़ जाते है जिससे आश्रम को गो सेवा कि अतिरिक्त चिंता करनी पड़ती है



आश्रम द्वारा अन्य सामाजिक गतिविधियाँ –



आश्रम प्रतिवर्ष – वर्ष में लगभग 3 बार निर्धन आदिबासियों में वस्त्रों का वितरण करता है गरीब आदिवासी आश्रम से नए एवं पुराने पहनने एवं बिस्तर हेतु कपड़ों ,कम्बल आदि कि आश लगाये रहते है

आयुर्वेदिक ओष्धियों –

आश्रम को जब कभी कोई अधिक संक्रमण रोग का पता लगता है तो स्वयं अपने एवं शासन के सहयोग से स्वस्थ्य शिविर का आयोजन करता है

संस्कृतिक एवं योग कार्यक्रम –

आश्रम में आवाशीय छात्रों को लेकर वैदिक संस्कृति के प्रचार –प्रशार हेतु योग यज्ञ के साथ संस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है एवं समाज में जागरूकता हेतु विभिन्न शिविरों का आयोजन करता है

भावी योजनायें एवं आवश्यकताये –

1. छात्रावास आवश्यक सुविधाओ सहित - २५०००००

2. अतिथि कक्ष - १००००००

3. गो शाला भूषाभंडार सहित - १५०००००

4. मुख्य द्वार - ३०००००

5. बाऊडरी वाल - १५०००००

आप हमे केसे मदद केर सकते है-

1. छात्रों का भोजन 5,000 पांच हज़ार से

2. गायों को भूषा दान करके एक ट्राली १५०० एक हज़ार पांच सो

3. बच्चो हेतु वस्त्र पहनने एवं बिस्तर हेतु

4. बच्चों हेतु कॉपी , पेंशील ,पुस्तके द्वारा

5. एक सप्ताह हेतु हवन सामग्री अथवा 1,000 एक हज़ार रूपए देकर